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| कार्य |
| राष्ट्रीय स्तर पर केन्द्रीय बोर्ड के कार्य |
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- भारत सरकार को जल एवं वायु प्रदूषण के निवारण एवं नियंत्रण तथा वायु गुणवत्ता में सुधार से संबंधित किसी भी विषय में परामर्श देना ।
- जल तथा वायु प्रदूषण की रोकथाम अथवा निवारण एवं नियंत्रण के लिए एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की योजना तैयार कर तथा उसे निष्पादित कराना ।
- राज्य बोर्डों की गतिविधियों का समन्वयन करना तथा उनके बीच उत्पन्न विवादों को सुलझाना ।
- राज्य बोर्डों को तकनीकी सहायता व मार्गदर्शन उपलब्ध कराना, वायु प्रदूषण से संबंधित समस्याओं तथा उसके निवारण, नियंत्रण अथवा उपशमन के लिए अनुसंधान और उसके उत्तरदायी कारणों की खोज करना ।
- जल तथा वायु प्रदूषण के निवारण तथा नियंत्रण अथवा उपशमन के कार्यक्रम में संलग्न व्यक्तियों के लिए प्रशिक्षण आयोजित करना तथा योजनाएं तैयार करना ।
- जल तथा वायु प्रदूषण की रोकथाम अथवा नियंत्रण, निवारण पर एक विस्तृत जन-जागरूकता कार्यक्रम, मास मीडिया के माध्यम से आयोजित करना ।
- जल तथा वायु प्रदूषण और उसके प्रभावी निवारण, नियंत्रण अथवा रोकथाम के लिए किये गये उपायों के संबंध में तकनीकी तथा सांख्यिकीय आंकड़ों को संग्रहीत, संकलित कर प्रकाशित करना ।
- स्टैक गैस क्लीनिंग डिवाइसिस, स्टैक्स और डक्टस सहित मल-जल तथा व्यावसायिक बहिस्रावों के विसर्जन तथा शोधन के संबंध में नियमावली, आचार संहिता और दिशा-निर्देश तैयार करना ।
- जल तथा वायु प्रदूषण तथा उनके निवारण तथा नियंत्रण से संबंधित मामलों में सूचना का प्रसार करना ।
- संबंधित राज्य सरकारों के परामर्श से नदियों अथवा कुओं के लिए मानकों को निर्धारित करना तथा वायु गुणवत्ता के लिए मानक तैयार करना, निर्धारित करना, संशोधित करना अथवा रद्द करना ।
- भारत सरकार द्वारा निर्धारित किये गये अन्य कार्य निष्पादित करना ।
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| संघ शासित प्रदेशों के लिए राज्य बोर्डों के रूप में केन्द्रीय बोर्ड के कार्य |
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- किसी परिसर की उपयुक्तता अथवा किसी उद्योग की अब स्थिति जिससे किसी नदी अथवा कुंए प्रदूषित हो रहे हैं । अथवा उनसे वायु प्रदूषण की संभावना हो, के विषय में संघ शासित प्रदेश की सरकारों को सलाह देना; सीवेज के शोधन तथा व्यावसायिक बहिस्रावों तथा ओटो मोबाइल्स के उत्सर्जनों, औद्योगिक संयंत्रों तथा अन्य किसी प्रदूषणकारी स्रातों के लिए मानकों का निर्धारण करना; सीवेज और व्यावसायिक बहिस्रावों का भूमि पर विसर्जन । सीवेज और व्यावसायिक बहिस्राव तथा वायु प्रदूषण नियंत्रण उपस्करों हेतु विश्वसनीय और किफायती विधियों का उपयुक्त विकास; वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के अन्तर्गत अधिसूचित क्षेत्रों अथवा केन्द्र शासित प्रदेशों के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण नियंत्रण क्षेत्र के रूप में अथवा किसी क्षेत्र का पता लगाना; परिवेशी जल तथा वायु की गुणवत्ता का मूल्यांकन करना, तथा अपशिष्ट जल शोधन स्थापनाओं, वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों औद्योगिक संयंत्रों अथवा विनिर्माण प्रक्रियाओं का निरीक्षण करना तथा जल तथा वायु प्रदूषण की रोकथाम तथा निवारण व नियंत्रण के लिए उठाये गये कदमों तथा उनकी निष्पादन क्षमता का मूल्यांकन करना ।
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भारत सरकार की निर्धारित नीति के अनुसार केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974, जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) उपकर अधिनियम, 1977 तथा वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के अन्तर्गत संघ शासित प्रदेशों के विषय में अपनी शक्तियां तथा कार्य संबंधित स्थानीय प्रशासनों को प्रत्यायोजित कर दी हैं । केन्द्रीय बोर्ड अपने प्रतिपक्षों राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के साथ पर्यावरणीय प्रदूषण के नियंत्रण तथा निवारण से संबंधित विधानों के कार्यान्वयन के लिए उत्तरदायी है । |
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